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Friday, November 07, 2008

nothing personal about loans... :)

कर्जे जो उठाये हमने बाज़ार से
हमारी जान की दुआ करने वाले बढ़ गए....
बेहिसाबो मे रहना सीखते गए यूँ ही
गिने गिनाये जीने मे क्या ख़ाक मजा था

Friday, February 22, 2008

एहसास-ए-तुफ़ां किनारे से नहीं आता
इश्क-दा-जझ्बा दबी कशिशों में नहीं आता
सदियों कि खलिश और पल मे छुटकारा
रंगीन दिल को आसां रास्ता नही भाता

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